हिंदुस्तान आखिर बन ही गया दुनिया का सबसे सस्ती सौर ऊर्जा पैदा करने वाला देश…कुछ समय पहले, सौर ऊर्जा को एक सीमांत शक्ति उर्जा स्त्रोत माना जाता था। लेकिन यह अब अधिक स्थायी और टिकाऊ ऊर्जा स्त्रोत बन चुका है। अंतर्राष्ट्रीय नवीनीकरण ऊर्जा एजेंसी (IRENA) के सर्वेक्षण के अनुसार दुनिया भर में सौर ऊर्जा यंत्रो की कीमतें गिर रही हैं और भारत अब दुनिया की सबसे सस्ती सौर ऊर्जा का उत्पादन कर रहा है। भारत में बड़े पैमाने पर सौर प्रतिष्ठानों के निर्माण की लागत 2018 में 27% तक गिर गई। चीन से कम कीमत वाले पैनल के आयात, प्रचुर मात्रा में भूमि और सस्ते श्रम के संयोजन के कारण ये संभव हो पाया है। पीयूष गोयल ने भी अपने ट्वीटर हैंडल पर (IRENA) के सर्वेक्षण की रिपोर्ट को पोस्ट किया।

भारत में बड़े पैमाने पर प्रतिष्ठानों से औसत सौर मूल्य कनाडा के एक तिहाई से भी कम थे। कनाडा में सर्वेक्षण किए गए देशों की लागत सबसे अधिक थी। भारत में सौर इंस्टॉलेशन के निर्माण की कुल लागत का आधे से अधिक हिस्सा हार्डवेयर पर खर्च होता है। जै0से रैकिंग और माउंटिंग पर। जबकि शेष में सिस्टम डिज़ाइन और वित्तपोषण पर खर्च होता है।

2010 और 2018 के बीच, भारत में सेटअप लागत में 80% की गिरावट आई, जो किसी भी देश की सबसे बड़ी गिरावट थी। जैसे-जैसे कीमतें नीचे आती हैं, मांग बढ़ती है। वैश्विक सौर क्षेत्र का विस्तार अब सभी नए नवीकरणीय बिजली-उत्पादन क्षमता के 55% तक हो चुका है। पिछले साल, 94 गीगावाट नई सौर ऊर्जा क्षमता में इजाफा हुआ। जो काफी हद तक एशियाई देशों द्वारा जोड़ी गई है।

चीन द्वारा सभी नई सौर क्षमता में 44 गीगावाट का योगदान किया गया है। जो भारत से लगभग पांच गुना अधिक है। अन्य तेजी से विस्तार वाले बाजारों में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी शामिल हैं।

Hindi Planet News पर ये खबर पढ़ने के लिए धन्यवाद, अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो इसे लाइक करके अपने सभी दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें | ऐसी ही मजेदार खबरें पढ़ने के लिए हमें फॉलो जरुर करें |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here