काफी लोगों को ये शौख होता है की वो अलग अलग संस्कृतियों और सभ्यता के बारे में जाने और उसे देखें और अगर हम भारतीय संस्कृतियों की बात करें यहाँ पर राजस्थान की संस्कृति काफी प्रसिद्द है| राजस्थान की संस्कृति और विरासतों मको देखने और जानने का शौख रखने वाले लोगों को बता दें कि राजस्थान के उदयपुर में यहाँ की संस्कृतियों को देखने और जानने के लिए आप यहाँ के मेवाड़ फेस्टिवल में ज़रूर आएं|

मेवाड़ फेस्टिवल राजस्थान की अनेकों विरासतों और संस्कृतियों की रक्षा के लिए हर साल उदयपुर में मार्च से अप्रैल माह के बीच में मनाया जाता है| इस बार ये मेवाड़ फेस्टिवल उदयपुर में 6 से लेकर 8 अप्रैल तक चलेगा|

इस फेस्टिवल में शामिल होकर आप राजस्थान की संस्कृतियों से जुड़े कई रंगारंग कार्यक्रमों का आनंद उठा पाएंगे जिसमे पारम्परिक गायन, नृत्य और कला शामिल होते हैं| यहाँ की महिलाएं जब अपने पारम्परिक परिधानों में सज धज कर अनेकों रंगारंग प्रस्तुतियां देती हैं तो इस फेस्टिवल की रौनक ही बढ़ जाती है|

इस फेस्टिवल में यहाँ के लोग भगवान् शिव और पार्वती की पूजा करते हैं जिसमे वो उन्हें नए कपडे पहनाते हैं और उनकी एक शोब हयात्रा निकालते हैं जो गणगौर घात तक लरए जाई जाती है| यहाँ इस घात पर ले जाकर माता पारवती और भगवान् शिव की मूर्ती को झील के बीच में ले जाकर उसे वहां पर विसर्जित कर दिया जाता है| यहाँ की औरतें इस त्यौहार को भगवान् शिव और माता पारवती की जोड़ी को आदर्श मानते हुए मनाते हैं|

ये फेस्टिवल सुनने में जितना सुन्दर और पारम्परिक लगता है उतना ही सुन्दर यह सामने से देखने में भी लगता है| जिन लोगों को भी राजस्थान की संस्कृति देखने का शौख है वो लोग यहाँ पर आकर इस बार के मेवाड़ फेस्टिवल का आनंद उठा सकते हैं|

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