मौलाना मसूद अजहर के लिए एक बार ढाल बना गया चीन

संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में चीन ने एक बार फिर से अड़ंगा लगाकर मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित होने से बचा लिया. एक आतंकवादी को बचाने के लिए चीन के कदम की अमेरिका ने सख्त लहजे में आलोचना की है.अमेरिका की ओर से कहा गया है, “यह चौथी बार है जब चीन ने ये अड़ंगा लगाया है. चीन को इस काम को करने से सुरक्षा परिषद को नहीं रोकना चाहिए. लेकिन ऐसा हुआ. ऐसा होने से उपमहाद्वीप में शांति का मिशन फेल हो गया है.’अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता रॉबर्ट ने अपने बयान में कहा,

‘चीन का यह कदम आतंकवाद का मुकाबला करने और दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता को आगे बढ़ाने के अपने स्वयं के घोषित लक्ष्यों के साथ असंगत है. अगर चीन इन लक्ष्यों के बारे में गंभीर है, तो उसे पाकिस्तान या किसी अन्य देश के आतंकवादियों को परिषद के प्रति जवाबदेह होने से नहीं बचाना चाहिए.’बयान में कहा गया, ‘अगर चीन अड़ंगा लगाना जारी रखता है, तो जिम्मेदार सदस्य सुरक्षा परिषद में अन्य एक्शन लेने के लिए मजबूर हो सकते हैं.

यह बात इतनी नहीं बढ़नी चाहिए.’बता दें कि चीन ने लगातार चौथी बार भारत को झटका देते हुए आतंकी मसूद अजहर को वैश्‍विक आतंकी घोषित होने से बचा लिया. भारत पिछले 10 साल से मसूद अजहर को वैश्‍विक आतंकी घोषित करने की मांग कर रहा है. अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति से मौलाना मसूद अजहर पर हर तरह के प्रतिबंध लगाने की मांग की थी.

इस प्रस्ताव में कहा गया था कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर हथियारों के व्यापार और वैश्विक यात्रा से जुड़े प्रतिबंध लगाने के साथ उसकी परिसंपत्तियां भी ज़ब्त की जाएं.विदेश मंत्रालय ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव रद्द होने के बाद कहा कि हमारी लड़ाई जारी रहेगी. मसूद अजहर भारत में हुए कई आतंकी हमलों में शामिल है. उसे आतंकवादी घोषित करने तक हम हर संभव रास्ता अपनाएंगे.

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