भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 3 से विधायक आकाश विजयवर्गीय इस समय पूरे देश में अपनी करतूत को लेकर चर्चा में हैं | हर मीडिया उनके द्वारा नगर निगम के अधिकारी को बैट मारने की आलोचना कर रहा है |भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा नगर निगम के अधिकारी की पिटाई किए जाने के इस मामले में नरोत्तम मिश्र, विश्वास सारंग सहित कई नेताओं के बयान सामने आए हैं, परन्तु इंदौर की महापौर मालिनी गौड़ (indore mayor mallini gaur silence) ने अब तक पूरी तरह चुप्पी साधे रखी है । उन्होंने न तो इस मामले में कार्रवाई में रुचि ली और न ही निगम के अमले का विश्वास बनाए रखने में कोई भूमिका अदा की। आयुक्त आशीष सिंह ने कल इस मामले में अपनी ताकत का जोरदार प्रदर्शन किया था ।

यह पिटाई कांड नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए चौंकाने वाला था। सभी की नज़र इस बात पर टिकी हुई थी कि अब इस मामले में नगर निगम के कर्ता-धर्ता क्या करेंगे। सभी महापौर मालिनी गौड़ (Malini Gaur) के रूख पर नज़र लगाए हुए थे। इंदौर नगर निगम की सर्वेसर्वा और प्रमुख होने के नाते उन्हें इस मामले में प्रमुख भूमिका निभाना थी, लेकिन कल महापौर मालिनी गौड़ (indore mayor mallini gaur silence) इस पूरे परिदृश्य से ही गायब हो गईं। उन्होंने सुबह से लेकर शाम तक इस घटनाक्रम को लेकर निगम अधिकारियों के गुस्से को लेकर कहीं कोई चर्चा नहीं की। इसके साथ ही साथ उन्होंने निगम के अधिकारियों से भी इस बारे में बात नहीं की और यह समझने की कोशिश भी नहीं की कि आखिर इस घटना का निगम के अमले पर क्या और कैसे प्रभाव पड़ने जा रहा है।

ऐसी स्थिति में नगर निगम के आयुक्त आशीष सिंह (Ashish Singh) ने मोर्चा संभाल लिया। कल सुबह जैसे ही पिटाई कांड हुआ, वैसे ही आयुक्त ने निगम मुख्यालय में स्थित अपने कार्यालय में जाकर डेरा डाल दिया| उसके बाद से वे रात तक वहीं डटे रहे। वहीं से सारी स्थिति को नियंत्रण में लेने और घटना पर कार्रवाई (indore mayor mallini gaur silence) करने के लिए प्रयास करते रहे।

आयुक्त द्वारा अपनी ताकत का प्रदर्शन किया गया कि उससे निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को यह भरोसा हो गया कि वे उनके हितों का संरक्षण कर सकेंगे । कल आयुक्त का अधिकारियों ने एक नया चेहरा देखा| अब तक हमेशा खामोश रहने और केवल महापौर मालिनी गौड़ (indore mayor mallini gaur silence) की हां में हां मिलाने वाले व्यक्ति के रूप में ही उनकी पहचान थी, लेकिन कल उन्होंने इस पहचान को धो डाला। उन्होंने इस मामले में जिस तरह से रणनीति बनाकर काम किया उससे सभी चौंक गए।

इस पूरे मामले में आयुक्त ने बीसियों बार कलेक्टर लोकेश जाटव और डीआईजी रुचिवर्धन मिश्र को फोन लगाकर बात की और उनसे मदद प्राप्त की। इस पिटाई कांड पर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने के लिए ही उन्होंने सबसे ज्यादा ताकत लगा दी थी। फिर जब मुकदमा दर्ज हो रहा था, तब उसमें सही धाराएं (indore mayor mallini gaur silence) बराबर लग सकें, इस पर वे अपना ध्यान लगाए हुए थे।

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