भाजपा के विधायक अशोक सिंह चंदेल को हुई आजीवन कारावास की सजा

यूपी के हमीरपुर जिले से भाजपा विधायक Ashok Singh Chandel को 1997 में हुए एक हत्याकांड के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, कोर्ट ने विधायक सहित 10 लोगों को दोषी करार दिया है।

हमीरपुर से भाजपा विधायक अशोक सिंह चंदेल समेत उनके कई साथियों को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने विधायक व अन्य को पुलिस कस्टडी में लेने का आदेश दिया।

हमीरपुर से भाजपा विधायक अशोक सिंह चंदेल समेत उनके कई साथियों को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हमीरपुर के रोडवेज बस स्टैंड के पास करीब 12 वर्ष पहले भाजपा नेता राजीव शुक्ल के भाई राकेश समेत एक ही परिवार के पांच लोगों की निर्मम हत्या में विधायक चंदेल समेत नौ लोगों के खिलाफ मामला चल रहा था। अशोक सिंह चंदेल जमानत देने के साथ ही सत्र न्यायालय से रिहा करने वाले न्यायधीश को हाइकोर्ट पहले ही बर्खास्त कर चुका था। निचली अदालत ने विधायक को बरी कर दिया था। हाईकोर्ट ने विधायक को बरी करने वाले जज अश्विनी कुमार को जांच के बाद बर्खास्त कर दिया था। इसी मामले में विधायक का कार चालक रुक्कू पहले से ही आजीवन कारावास की सजा झेल रहा है।

जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस डी के सिंह की खंडपीठ ने विधायक अशोक सिंह चंदेल को सजा सुनाई है।कोर्ट ने विधायक व अन्य लोगों को पुलिस कस्टडी में लेने का आदेश दिया। विधायक अशोक सिंह चंदेल 26 जनवरी 1997 को हमीरपुर में दिनदहाड़े पांच लोगों की हत्या के मामले में आरोपी हैं। मृतकों में एक नौ साल का बच्चा भी शामिल था। राज्य सरकार ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दाखिल की थी। इसके साथ ही पीडि़त पक्ष से राजीव शुक्ला ने भी अर्जी दाखिल की थी।

भाजपा विधायक अशोक सिंह चंदेल सहित नौ लोगों को हमीरपुर में 1997 में पांच लोगों की हत्या और पांच को घायल करने के आरोप में आज कोर्ट नम्बर एक ने न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा व न्यायमूर्ति डी के सिंह ने राज्य की अपील आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए हत्या और हत्या के प्रयास करने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। राज्य की ओर से अपर महाधिवक्ता कृष्ण पहल ने बहस की। इस गंभीर प्रकरण में ट्रायल कोर्ट ने सभी को दोषमुक्त किया था।

हमीरपुर में 26 जनवरी 1997 की शाम 7:30 बजे अभियुक्त नसीम की दुकान के सामने पीडि़त पक्ष की जोंगा रोककर पुरानी रंजिश के चलते राजेश शुक्ल, राकेश शुक्ल, अम्बुज उर्फ गुड्डा, वेद नायक और श्रीकांत पांडेय की हत्या कर दी थी। इस घटना में राजीव कुमार शुक्ल (वादी), रविकांत पांडेय, विपुल, चंदन और हरदयाल घायल हो गए थे। राजीव कुमार शुक्ल ने रात को 9:10 बजे इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

विधायक कानपुर में भी हत्या के मामले में आरोपित

भाजपा विधायक अशोक चंदेल और उसके साथियों को हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाए के बाद मामला पुरानी यादें फिर ताजा हो गई हैं। विधायक अशोक सिंह चंदेल तो कानपुर के किदवई नगर में कारोबारी रणधीर गुप्ता की दिनदहाड़े हत्या के मामले में भी आरोपित है। उसके ऊपर सीओ के साथ दबंगई दिखाने का मामला गोविंद नगर थाने में दर्ज है।

आपको बता दें कि 26 जनवरी 1997 में दिनदहाड़े पांच लोगों की हत्या कर दी गई थी। साथ ही पांच अन्य घायल भी हुए थे। इस सनसनीखेज हत्याकांड ने बुंदेलखंड ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों को हिलाकर रख दिया था। हत्याकांड में विधायक अशोक चंदेल, उनके निजी गनर सहित 11 लोगों को नामजद किया गया था। इस दौरान विधायक चंदेल को जेल की सलाखों के पीछे रहना पड़ा था।

इस प्रकरण में हाईकोर्ट ने भाजपा विधायक अशोक चंदेल व अन्य को दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। चंदेल के अलावा रघुवीर सिंह, आशुतोष सिंह उर्फ डब्बू, साहब सिंह, भान सिंह, प्रदीप सिंह, उत्तम सिंह, श्याम सिंह आदि को सजा सुनाई गई है।

-एजेंसी

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